जॉर्जटाउन: हिंदी दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है और कई देश ऐसे हैं जहां इसे बड़े पैमाने पर बोला जाता है। ऐसा ही एक देश है गयाना, जहां की 31 फीसदी आबादी हिंदू है और वहां हिंदी ठीक-ठाक बोली जाती है। गयाना की संसद में हाल ही में हिंदी की गूंज सुनकर सब हैरान रह गए। कृषि राज्य मंत्री विकास रामकिसून ने विपक्ष के एक सांसद की टिप्पणी का जवाब देते हुए शुद्ध हिंदी में बोलकर न सिर्फ भाषा पर अपनी पकड़ दिखाई बल्कि विपक्षी सांसद को मुंहतोड़ जवाब दिया। गयाना में भारत के उच्चायोग द्वारा X पर पोस्ट किया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
गयाना में भारतीय उच्चायोग के आधिकारिक अकाउंट @IndiainGuyana ने इस घटना को X पर साझा करते हुए लिखा, 'गयाना की संसद में गूंजी हमारी हिंदी। नवनिर्वाचित सांसद एवं कृषि राज्य मंत्री श्री विकास रामकिसून ने हिंदी में अपनी बात रखकर विपक्ष के सांसद की उनपर की गई टिप्पणी का मुंहतोड़ जवाब दिया एवं हिंदी के प्रति उनकी आस्था को इंगित किया। विपक्ष के सदस्य ने उनके हिंदी ज्ञान पर सवाल उठाया था। इसके जवाब में माननीय विकास रामकिसून ने हिंदी में ही अपनी बात कही और विपक्षी सांसद को उनके द्वारा तय की गई जगह पर बहस करने की चुनौती दी।
विकास रामकिसून ने संसद में कहा, 'माननीय अध्यक्ष महोदय, आदरणीय सदस्य माननीय विष्णु पांडेय, मैं अभी इसी वक्त उनको चुनौती देता हूं कि किसी भी स्तर पर, किसी भी जगह पर जा करके विषय वह तय करें, और वह जितनी बहस करना चाहते हैं मैं बिना कागज लिए करूंगा।' भारतीय उच्चायोग द्वारा वीडियो X पर पोस्ट किए जाने के बाद लोगों ने तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। बता दें कि विकास को गयाना के सहकारी गणराज्य के कृषि मंत्रालय में मंत्री के रूप में 13 सितंबर 2025 को नियुक्त किया गया था। वे वित्त, कानून और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में मजबूत पृष्ठभूमि रखते हैं, जिसमें निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक नेतृत्व अनुभव शामिल है।
विकास रामकिसून ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से वाणिज्य और वित्त में मास्टर ऑफ कॉमर्स के साथ-साथ बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने गयाना यूनिवर्सिटी से कानून में LLB की डिग्री डिस्टिंक्शन के साथ हासिल की है। मंत्री पद संभालने से पहले विकास ने गयाना की बारहवीं संसद में कृषि मंत्रालय के संसदीय सचिव के रूप में 2020 से 2025 तक सेवाएं दीं, जहां उन्होंने देश में कृषि विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संसदीय सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें किसानों के हितों में ढेर सारे काम करने के लिए याद किया जाता है।
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